15 साल बाद अध्यापक को मिल सकी पेंशन विभाग में बाबुओं की हठधर्मिता के चलते सेवानिवृत्त कर्मियों को भी भटकना पड़ता है। शिक्षा विभाग में भी ऐसे ही सेवानिवृत्त अध्यापक को 15 साल भटकने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप पर पेंशन स्वीकृत हो
सकी है ।बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर तैनात शिक्षक छेदालाल करीब 15 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद से ही वह शिक्षा विभाग और ट्रेजरी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं

हुई। पिछले दिनों हुए पेंशनर्स दिवस में उन्होंने इसकी शिकायत की, जिसपर सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कराई।

सिटी मजिस्ट्रेट की पहल और पत्राचार के बाद बाबुओं ने सेवानिवृत्त अध्यापक की पेंशन के अभिलेख पूरे कर फाइल ट्रेजरी को भेज दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि छोटी-छोटी कमियों के चलते अक्सर मामले अटक
जाते हैं। सेवानिवृत्त अध्यापक के मामले में भी कुछ ऐसा ही था।

फिलहाल उनकी पेंशन की फाइल स्वीकृत कराकर ट्रेजरी भेज दी गई है। जल्द उनकी पेंशन उनके खाते में पहुंच जाएगी।

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