उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2015 (यूपी-टीईटी) 2 फरवरी 2016 को होने वाली है, इस परीक्षा में अब केवल एक सप्ताह बाकी बचा है, । पिछले दो सालों से ये परीक्षा नहीं हो रही थी, जिसके परिणामस्वरूप  इस साल लगभग 9. 5 लाख कैंडिडेट्स इस परीक्षा में शामिल होंगे। इस समय पर आपको सबसे  महत्वपूर्ण टॉपिकस को दोहराने की सलाह जाती है, यह सही समय है जब आपको अपने पेपर में सफल होने  के लिए सफल रणनीति बना लेनी चाहिए।

यूपी टीईटी 2015 की परीक्षा इस बार एक दिन में (दो फरवरी को) ही पूरी हो जाएगी, जबकि पिछली बार यह परीक्षा दो दिन चली थी। इसकी वजह भाषा का प्रश्नपत्र अलग होना था। पहले दिन प्राथमिक स्तर एवं दूसरे दिन उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों ने दोनों पालियों में परीक्षा दी थी। इस बार दोनों स्तरों पर एक-एक प्रश्नपत्र ही होगा।
UPTET Preparation tips
परीक्षा प्रश्नो का लेवल
परीक्षा इस बार भी 150 अंकों की होगी, जिन्हें 150 मिनट में करना होगा। यानी एक सवाल पर एक मिनट मिलेगा। सभी प्रश्न चार विकल्प वाले यानी बहुविकल्पीय होंगे। टीईटी परीक्षा प्राथमिक एवं जूनियर स्तर के लिए अलग-अलग हो रही है। दोनों परीक्षाओं में पांच खंड होंगे। जूनियर स्तर की परीक्षा में यह बदलाव किया गया है कि गणित व विज्ञान शिक्षक के लिए संबंधित विषय की परीक्षा देनी होगी, बाकी अभ्यर्थियों को सिर्फ सामाजिक अध्ययन के 60 सवालों का जवाब देना होगा। अमूमन अभ्यर्थी शिक्षण विधि, भाषा के सवाल आसानी से कर लेते हैं, लेकिन गणित व पर्यावरण अध्ययन के सवाल जरूर परेशान करते हैं। इन्हीं दोनों विषयों के सवाल ही टीईटी की मेरिट भी तय करेंगे।

खास बात यह है कि प्राथमिक एवं जूनियर स्तर की परीक्षा में सभी सवाल इंटर स्तर के होंगे, लेकिन उसमें भी अंतर उम्र का रखा गया है। निर्देशिका में कहा गया है कि प्राथमिक की परीक्षा में 6 से 11 वर्ष एवं जूनियर की परीक्षा में 11 से 14 वर्ष तक के बच्चों को ध्यान में रखकर समस्या समाधान एवं शिक्षण विधियों के प्रश्न होंगे।
प्रा. एवं जूनि. स्तर परीक्षा में प्रश्न इंटर स्तर के होंगे, एनसीईआरटी की कक्षा एक से आठ तक की पुस्तकों से भी होंगे प्रश्न। अगर आपने अभी तक  एनसीईआरटी  की किताबों से तैयारी नहीं की है, तो अब आप केवल अभ्यास प्रश्न हल कर सकते है, इनसे भी आपको लाभ मिलेगा।

एक सप्ताह पहले क्या पढ़े ?

परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ ले आप परीक्षा पैटर्न और सिलेबस के अनुसार ही परीक्षा की तैयारी करे। परीक्षा में सफलता पाने की कुंजी यही है आप परीक्षा के स्वरूप को समझे। साथ ही आपको ये समझना होगा कि भर्ती विभाग उस पद के लिए किन मानको को देखना चाहते हैं।

प्रश्नों को हल करने में लगने वाला समय रिकॉर्ड करे जब भी आप प्रश्नों को हल करे तो उन्हें हल करने में जो समय लग रहा उसे रिकॉर्ड करे। इससे आपको ज्ञात हो जाएगा कि आपको कौन सा भाग परीक्षा में पहले करना हैं और साथ ही आप सवालों को हल करने की गति भी बढ़ा सकते है।

अपने ऊर्जा स्तर को जानें दिन में अलग- अलग समय पर हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक उर्ज़ा का स्तर अलग हो सकता है | उदाहरण के तौर पर कुछ लोग सुबह के समय ज्यादा ताजा और ऊर्जावान महसूस करते हैं तो कुछ लोग शाम को या फिर रात के समय | कुछ लोगों को सुबह उठ कर पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहता है तो कुछ को देर रात को पढ़ा हुआ | तो जिस समय आप अपने को ज्यादा ताज़ा और उर्ज़ावान महसूस करते हैं, वह समय आप अपनी पढ़ाई के लिए रखें |

तनाव मुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी करे परीक्षा की तैयारी करते समय हमेशा तनाव मुक्त रहे, ताकि आप अपनी मंजिल बिना परेशान हुए पा सके।

मोक टेस्ट के द्वारा अभ्यास करे परीक्षा से पहले प्रतिदिन मोक टेस्ट ज़रुर ले। परीक्षा से पहले अगर आप प्रतिदिन मोक टेस्ट लेते है तो आपको परीक्षा देते समय आनी वाली परेशानियाँ पता चल जाएगी जिनमें आप प्रयास करके सुधार कर सकते। मोक टेस्ट उसी प्रकार से तैयार किए जाते है जिस तरह से पेपर आता है जब आप मोक टेस्ट के द्वारा परीक्षा की तैयारी करते है तो आपको ये ज्ञात हो जाता है कि आपको किस भाग में परेशानी आ रही है जिसे आपको दूर करना है।

सफल तैयारी की रणनीति: प्रत्येक सब्जेक्ट द्वारा

बाल विकास तथा अभिज्ञान: यह विषय दोनों पेपर ( पेपर 1 और पेपर 2 ) के लिए सामान है. इस समय आपको महत्वपूर्ण विषयो को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए। इस सब्जेक्ट के महत्वपूर्ण विषय है – अभिवृद्धि एवं विकास की अवस्थाएं, वैयक्तिक विभिन्नताएं, मानसिक स्वास्थ्य और अभिरूचि, पियाजे, कोहलवर्ग तथा व्योट्स्की के सिद्धांत, लिंग, समावेशी शिक्षा आदि टॉपिक अच्छी तरह से तैयार करें। इसके अलावा शिक्षा से संबंधित अनुच्छेद, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा उद्देश्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा आदि से संबंधित अध्ययन अवश्य करें।निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है।  इस विषय में सफलता के लिए इन प्रश्नो का अभ्यास करें|

इन विषयो का अध्ययन करने के साथ साथ आप पुराने प्रश्न पत्र अवश्य हल करें।

हिंदी में क्रमशः एक गद्यांश तथा पद्यांश, हिंदी भाषा-शिक्षण से संबंधित प्रश्न, भाषा विकास से संबंधित प्रश्न तथा व्याकरण के लगभग सभी भागों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके लिए एनसीईआरटी की कक्षा 1 से 10 तक की हिंदी की पुस्तकों की सहायता लें। एवम साथ साथ पुराने आप पुराने प्रश्न पत्र अवश्य हल करें।

अंग्रेजी में क्रमश:  दो अपठित गद्यांश से प्रश्न आते हैं। अंग्रेजी में वॉकेबलरी को मजबूत बनाएं। वॉकेबलरी को मजबूत बनाने के लिए हमारे ब्लॉग पर रोज़ इंग्लिश के 10 नए शब्द याद करे. इसके अलावा पार्ट ऑफ स्पीच, टेंस, इडियम्स, एंटोनिम्स, सिनोनिम्स, फीगर ऑफ स्पीच आदि टॉपिक अच्छी तरह से तैयार कर लें। तैयारी के लिए कक्षा 1 से 10 तक की अंग्रेजी की एनसीईआरटी की पुस्तकें बहुत लाभदायक होंगी। इस विषय में सफलता के लिए इन प्रश्नो का अभ्यास करें|

सामाजिक अध्ययन: वाले भाग में इतिहास से सबसे अधिक प्रश्न आते हैं। इसके बाद भूगोल और राजनीति शास्त्र से सवाल पूछे जाते हैं। इसके लिए आपको कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की सामाजिक अध्ययन की पुस्तकों का अध्ययन बार-बार करना होगा। इसके अलावा सामाजिक अध्यन पर प्रश्न हल करे। निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है।  इस विषय में सफलता के लिए इन प्रश्नो का अभ्यास करें।

विज्ञान तथा गणित : वाले भाग की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 8 तक की विज्ञान की पुस्तकें गहराई से पढ़ें और अपनी भाषा में उनके नोट्स बना लें। गणित के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है। इसके लिए आप रोज सेक्शन टेस्ट हल करें।

प्रश्न पत्र कैसे हल करे – कुछ खास टिप्स


  • परीक्षा भवन में दिए जाने वाले सभी दिशा निर्देशो का पालन करे – परीक्षा भवन में दिए जाने वाले सभी दिशा निर्देशों का पालन करे
  • गति व सटीकता पर ध्यान दे – परीक्षा देते समय गति और सटीकता पर ध्यान दे। परीक्षा में आप इस बात पर ध्यान दे कि आपको सवालो को जल्दी हल नही करना है बल्कि सही उत्तर प्राप्त करना है। इसलिये सवालों कों हल करते समय इस बात पर ध्यान दे कि आपके उत्तर सही हो।
  • अपने मजबूत सवालो को पहले करे – जिन सवालों को हल करने में आप अच्छे हैं उन्हें पहले करे। ताकि आप ज्यादा समय आपके कमज़ोर भागों को दे सके।
  • पहले 30 मिनट जल्दी हल होने वाले सवालो को दे – परीक्षा को दो भागो में विभाजित कर ले। जिन सवालों को जल्दी किया जा सकता हैं उन्हें पहले 30 मिनट में कर ले। ऐसा करने से आपके पास ज्यादा समय कमजोर विषयो के लिए बोनस के रूप में बचेगा
  • प्रश्नपत्र को ध्यान पूर्वक पढ़ें -जब भी आप कोई परीक्षा देते हैं तो उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्न को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ लें | यह सुनिश्चित कर लें कि प्रश्न क्या है और उसका सही उत्तर क्या होगा | कई बार घबराहट में हम प्रश्न समझ ही नहीं पाते और गलत उत्तर लिख देते हैं |
  • प्रश्न को हल एक ही बार में करे -परीक्षा देते समय ये याद रखे कि सवाल को एक ही बार में हल करे क्योंकि बार बार हल करने की कोशिश में आप दूसरे विषयों को समय नही दे पायेगे।

कौन सा भाग पहले हल करे ?

सबसे पहले मनोविज्ञान खंड को हल करे प्रश्न पत्र के मनोविज्ञान खंड को सबसे पहले करे। पहले 15 प्रश्न आसान होते हैं ,उन्हें अवश्य करे । मनोविज्ञान खंड में पियाजे,कोहलबर्ग,सुल्तान थ्योरी, एरिक्सन,स्कीमा, मैस्लो की थ्योरी,पावलोव थ्योरी,क्रिया व अनुबंध थ्योरी,विकास व निरंतरता थ्योरी,किशोर अवस्था की समस्याए यह महत्वपूर्ण विषय है ,ये परीक्षा में अवश्य आते हैं इन्हे ज़रूर करे।

भाषा खंड से संबंधित टिप्स भाषा खंड में सबसे पहले अनुच्छेदो को हल करे। अनुच्छेद को हल करने से पहले प्रश्नों को पहले पढ़ ले और उन्ही के अनुसार उत्तर ज्ञात करने की कोशिश करे। उसके बाद कविता के प्रश्नों को हल करे ,उसके बाद वर्तनी, उपचारात्मक शिक्षण ,भाषा समस्याए और कक्षा शिक्षण से संबंधित प्रश्नो को करे।

गणित खंड को अंत में करे परीक्षा देते समय ध्यान रखे कि आपको 150 प्रश्नो को हल करना ,इसलिए गणित खंड को अंत में हल करे। गणित खंड को हल करने में ज्यादा समय लगता है ,इसलिए उसे अंत में ही करे।

हर प्रश्न को जरूर हल करें: सबसे बड़ी बात यह है कि परीक्षा में मानइस मार्किग नहीं है। इससे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और उनको नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। कोई भी प्रश्न बिना हल किए न रहने दे।

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