इलाहाबाद, वरिष्ठ संवाददाता मंगलवार को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2015 में जिसका पेपर खराब हो गया है, उन्हें बहुत अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि 2016 की टीईटी अक्तूबर में संभावित है।

टीईटी-2015 का रिजल्ट 27 मार्च को घोषित होने के बाद इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा। दरअसल राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों के अनुसार राज्य सरकारों को साल में दो बार टीईटी करानी चाहिए।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) साल में दो बार सीटीईटी कराता भी है। साल में कम से कम एक बार टीईटी कराना अनिवार्य है।

लेकिन उत्तर प्रदेश में सत्र नियमित नहीं है। 2013-14 की परीक्षा 22 व 23 फरवरी 2014 के लगभग दो साल बाद दो फरवरी 2016 को 2015 की परीक्षा हो सकी। 2011 के टीईटी विवाद के कारण 2012 मंे तो यूपी में टीईटी हुआ ही नहीं।

लेकिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अफसरों का जोर सत्र नियमित करने पर है। सूत्रों के अनुसार अक्तूबर में परीक्षा संभावित है ताकि 2017 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले दिसम्बर 2016 तक रिजल्ट दे सकें।

क्योंकि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद परीक्षा के लिए महीनों इंतजार करना पड़ सकता है। तब 2016 की टीईर्टी फिर लेट हो जाएगी।
पिछली परीक्षाओं पर एक नजर परीक्षा शाामिल

अभ्यर्थी सफल पास प्रतिशत

टीईटी-2013 7,22,566 1,02,755 14.22
टीईटी-2013-14 7,78,807 1,94,700 24.99
टीईटी-2015 9,30,168 घोषित नहीं

फिलहाल 2016 के टीईटी के लिए कुछ बोलना जल्दबाजी होगी। टीईटी-2015 का रिजल्ट घोषित होने के बाद 2016 का प्रस्ताव भेजा जाएगा। कोशिश है कि 2016 का टीईटी इसी साल हो जाए। - नीना श्रीवास्तव, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी,

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