लखनऊ  : बाल मन की बात अखिलेश सरकार के साथ में एक बार फिर राजधानी के गरीब बच्चे राज्य के मुख्यमंत्री से मुखातिब होंगे। बच्चों को अपने शहर से जुडी़ सभी समस्याओं को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने रखने का मौका मिलेगा। युवा संसद-2016 के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए उत्तर-प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्तर-प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग युवा संसद-2016 को प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचाने के लिए इसके प्रचार-प्रसार में जुट गया है। आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह के मुताबिक इस बार आयोग सभी गांव में जाकर बच्चों को इसके बारे में बताएगा और उनकी समस्याओं को सुनेगा।

जो बच्चे सही ढंग से सामाजिक मुद्दों व अपनी समस्याओं को बताएंगे, उन्हें संसद के लिए चुना जाएगा।

बच्चों के मुद्दों पर किया जा रहा कामवर्ष 2015 में विधान भवन में हुई बाल संसद में विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने कुपोषण,गांव में लड़कियों का उत्पीड़न, शिक्षा का गिरता स्तर और सरकार द्वारा चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं से वंचित गांव जैसी तामाम समस्याएं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने रखी थीं।

आयोग अध्यक्ष जूही सिंह की मानें तो इन समस्याओं के समाधान के लिए आयोग गांव-गांव जाकर काम कर रहा है।

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