नई दिल्ली. बच्चें हर मां-बाप के बुढ़ापे का सहारा होते है। बच्चों को अपने रिश्तों की अहमियत का एहसास मां-बाप से ही होता है। वही से बच्चों को सही और गलत का पता चलता है। बच्चो को रिश्तों की एहमियत बताने के लिए सबसे पहले आपको उनके बेस्ट फ्रेंड बनना पड़ता है।
 
मां और बच्चों का सबसे हसीन और प्यार का रिश्ता होता है। यह रिश्ता सभी रिश्तों में सबसे खास होता है। इसी से बच्चों को नए रिश्तों को बांधे रखने का पता चलता है। हर मां बाप अपने बच्चों से उम्मीदें लगाते हैं पर वह यह भूल जाते हैं कि बच्चे वही करते हैं जो उन्हें बचपन में सिखाया जाता है। अगर आप अपने बच्चों को तमीजदार व अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं तो यह सुझाव आपकी मदद कर सकते हैं। 

प्यार से समझाएं
बच्चे अपने हर काम में बहुत सी गलतियां करते हैं, ऐसे में आपको बच्चों को डांटने की जगह धैर्य से काम ले कर प्यार से समझाने की जरूरत होती है। बच्चें गलतियां करके ही काम सीखते है।
 

http://www.primaryshiksha.com/2016/04/get-the-kids-to-realize-its-importance.html
 
सरप्राइज दें
बच्चे बड़े मासूम होते हैं और उपहार के जरिए उनके दिल तक पहुंचना बहुत आसान है। जब आपके बच्चे गुस्से में हो तो उन्हें सरप्राइज दें कर मनाए। अगर आप बच्चों को ऐसे समय में उपहार देगे तो वह आपके बहुत करीब आएंगे।
 

http://www.primaryshiksha.com/2016/04/get-the-kids-to-realize-its-importance.html
 
 
आपनी मौजूदगी का एहसास कराए
बच्चों को एहसास दिलाए कि हमारे लिए सबसे अहम वहीं है। बच्चों के मन में विश्वास पैदा करें ताकि अगर आप अपने बच्चों से बहुत दूर गए हो तो वह उस समय आपकी कमी को महसूस करें। ऐसे में आपको अपने शब्दों से व अपने जीवन के अनुभवों से सीखीं गई बातों से बच्चों के हौसले को बुलंद करके उन्हें अपने साथ का आभास करवा सकते हैं।
 
http://www.primaryshiksha.com/2016/04/get-the-kids-to-realize-its-importance.html

रोक-टोक न करें
आज कल हर मां-बाप अपने बच्चों को नियंत्रण में रखना चाहते हैं। अगर आप बच्चों के हर काम में रोक-टोक करेंगे तो यह बच्चों के विकास पर बुरा असर डालती है। जो माता-पिता अपने बच्चों से ज्यादा सख्ती से पेश आते हैं, अक्सर उनके बच्चे अपने मन की बात अपने माता-पिता को नहीं बता पाते हैं और वह हमेशा उनसे डरे-डरे से रहते हैं। ज्यादा सख्ती व पूरी ढील बच्चों का सही विकास होने नहीं देती है। दूसरी तरफ अगर बच्चों को ज्यादा छूट दे तो वह अपने जीवन में माता-पिता की अहमियत को ही समझ नहीं पाते हैं।
 
http://www.primaryshiksha.com/2016/04/get-the-kids-to-realize-its-importance.html
Read more at http://www.primaryshiksha.com/2016/04/get-the-kids-to-realize-its-importance.html
 
साभार : हरिभूमि

एक टिप्पणी भेजें

 
Top