डॉ. अमित बंग
सभी पैरेन्ट अपने बच्चों को बेहतर ‍जिंदगी देना चाहते हैं। अभिभावक वो सब करते हैं जो उन्हें अपने बच्चे के लिए उचित लगता है। बच्चे काफी कोमल होते हैं, उन्हें जिस तरह ढाला जाता है वे वैसे ही बन जाते हैं। उन पर अपने माता-पिता व परिवार की सीख का प्रभाव सबसे अधिक होता है। बच्चों को बड़ा करने की इस प्रक्रिया में पालकों को भी चाहिए कि वे समय-समय पर बच्चों को बड़ा करने के तरीकों पर सोच-विचार करें।

http://www.primaryshiksha.com/2016/04/how-to-be-a-perfect-parents.html



अनकंडीशनल लव
निःसंदेह पैरेन्ट्स अपने बच्चों से अथाह प्यार करते हैं लेकिन इस प्यार के बदले में कोई अपेक्षा न रखें। माता पिता के रूप में अपने बच्चे को बिना किसी शर्त के और बिना किसी तरह की अपेक्षा के अपना प्यार देना चाहिए। जब आप बच्चे को अनकंडीशनल लव देते हैं तो उनकी गलतियों पर भी आप ज्यादा विचलित नहीं होते हैं। साथ ही आपका बच्चा भी इस प्यार को समझता है एवं स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करता है।

एक्टिव लिसनिंग
जब बच्चा आपसे बात करता है तो अपना कार्य छोड़कर बच्चे की बात पर पूरा ध्यान दें। यह सच है की आप शायद स्वयं कार्य करते हुए भी बच्चे की बातों पर ध्यान दे रहे हों लेकिन जब आप सब कार्य छोड़कर बच्चे से आंख से आंख मिलाकर बात करेंगे तो बच्चा स्वयं भी गर्वित महसूस करेगा।

क्वॉलिटी टाइ
यह आवश्यक नहीं कि आप बच्चे के साथ पूरे समय रहें लेकिन जरूरी यह है कि आप उसके साथ जो भी समय गुजारें वह उत्कृष्ट हो। बच्चे के साथ कम समय गुजार कर भी आप यह जता सकते हैं कि वह आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। आप इस समय में बच्चे से उसकी दैनिक गतिविधि, उसके दोस्तों के बारे में, उसके द्वारा देखे गए टीवी प्रोग्राम्स के बारे में बात करें वह खुद को आपके बहुत करीब पाएगा।

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