इलाहाबाद
यूपी बोर्ड के तय मानक को दरकिनार कर अफसरों ने छात्राओं के परीक्षा केंद्र 15 से 20 किमी दूर भेज दिए हैं, जबकि नियम है कि बालिकाओं का परीक्षा केंद्र सेल्फ बनाने के साथ तीन से आठ किमी के क्षेत्र में ही भेजा जा सकता है।

ऐसे मनमाने केंद्र आवंटन पर अभिभावकों एवं कॉलेज प्रधानाचार्यों की ओर से आपत्ति जताई गई, लेकिन अफसरों ने संशोधन नहीं किया। सबसे अधिक शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों से आईं हैं।

हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा-2017 16 मार्च से शुरू होगी। परीक्षा के लिए केंद्रों के आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता के मामले सामने आ रहे हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक ने ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं के परीक्षा केंद्र 15 से 20 किमी दूर भेज दिए हैं। जिला एवं मंडलीय समितियों की ओर से सुनवाई नहीं होने के बाद अभिभावकों ने अब यूपी बोर्ड से गुहार लगाई है।

जिले में गंगापार क्षेत्र के चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज पूरबनारा का 12वीं की बालिकाओं का परीक्षा केंद्र 20 किमी दूर सुमेरा देवी इंटर कॉलेज लालगोपालगंज भेज दिया गया।

इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज पूरबनारा का दसवीं का परीक्षा केंद्र 13 किमी दूर गंगा इंटर कॉलेज तुलसीपुर भेज दिया गया। सूरजदीन भगवानदीन इंटर कॉलेज अटरामपुर की बालिकाओं का परीक्षा केंद्र 12 किमी दूर भेज दिया गया।

भोलानाथ रामसुख इंटर कॉलेज सोरांव की छात्राओं का परीक्षा केंद्र 18 किमी दूर सुमेरादेवी इंटर कॉलेज लालगोपालगंज भेज दिया गया। इसी प्रकार की 15 किमी दूर चंद्रकली बालिका इंटर कॉलेज पकरी सेवार को जिला पंचायत इंटर कॉलेज औता का केंद्र बना दिया गया।

18 किमी नीलम तिवारी इंटर कॉलेज खानपुर को मंगला प्रसाद इंटर कॉलेज बामपुर का केंद्र बना दिया गया। केंद्र आवंटन को लेकर ऐसे सैकड़ों शिकायतें अभिभावकों व स्कूलों ने बोर्ड से की हैं।

परीक्षा केंद्र आवंटन का अधिकार मंडलीय एवं जनपदीय समिति को ही है। इस बारे में शासन यदि कोई निर्णय ले तो केंद्र आवंटन में बदलाव किया जा सकता है। - शिवलाल, अपर सचिव प्रशासन, यूपी बोर्ड

केंद्र आवंटन के समय में इलाहाबाद में तैनात नहीं था। केंद्र की सूची मेरे ज्वाइन करने से पहले बोर्ड को भेजी जा चुकी थी। अब इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है। - कोमल यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक, इलाहाबाद

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