कानपुर
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने दुनिया को संदेश दिया कि शांति और अहिंसा के रास्ते से ही मुल्क की तरक्की हो सकती है।

इस अवसर पर महाबोधि मंदिर परिसर के बोधि पेड़ के नीचे सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लेकर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने विश्व शांति का उद्घोष किया। कहा कि दहशतगर्द यहां की शांति भंग नहीं कर सकते। सभी धर्म अनुयायिओं ने यह साबित कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें कोई डिगा नहीं सकता।

इसके पहले सुबह सात बजे 80 फुट बुद्ध मूर्ति से विश्वशांति पीस मार्च निकाला। इनकी रैली महाबोधि मंदिर पहुंची और बोधिवृक्ष के नीचे प्रार्थना सभा में बदल गयी। कालचक्र पूजा संपन्न होने के बाद बोधगया में बौद्ध महोत्सव का आयोजन भी बढ़ चढ़कर किया जा रहा हैं।

इसमें देश दुनिया से आये बौद्ध श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर मैत्री, करूणा और भाईचारे का संदेश दे रहे है। तथागत की भूमि शांति व अहिंसा की भूमि है। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से महोत्सव को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

इस मौके पर बीटीएमसी सचिव एन दोरजी, बौद्ध धर्म से भंते चालिंदा, भंते दिनान्द, सनातन धर्म से पंडित रामाचार्या, जैन धर्म से सुबोध जैन, ईसाई धर्म से सिस्टर मनीषा, इस्लाम धर्म से प्रो. बदीउज्जमां, ब्रहम कुमारी की सिस्टर बीके शीला तथा सिख धर्म से सरदार करनौल सिंह एवं अन्य लोग शामिल थे।

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