इलाहाबाद : जन्म तिथि में हेराफेरी के एक मामले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव को अदालत ने तलब किया है।

याची लखन लाल शर्मा निवासी दारागंज की अर्जी को स्वीकार करते हुए सिविल जज स्वाती ने सचिव को जन्म तिथि की पत्रावली के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी। प्रकरण 39 वर्ष पुराना है।

याची लखन लाल के अनुसार उसने सन 1978 में हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। विभाग ने उसे जो प्रमाण पत्र जारी किया उसमें जन्मतिथि तीन मार्च 1960 प्रदर्शित की गई।

जबकि उसकी जन्मतिथि 21 सितंबर 1963 है। याची ने जन्मतिथि में सुधार के लिए विभाग में कई अर्जी दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब उसने सन 1978 में जिला न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया।

पत्रावली भी कहीं दब जाने से जिला जज के आदेश पर दोबारा बनाई गई। इस बीच याची ने हाईकोर्ट में सन 1994 में याचिका दायर की। प्रत्यावेदन पर विचार किए जाने के निर्देश शिक्षा निदेशक को दिए गए।

शिक्षा निदेशक ने 26 अप्रैल 1999 को अपने आदेश में कहा कि सिर्फ लिपिकीय त्रुटि का संशोधन हो सकता है। इससे परेशान याची ने सिविल कोर्ट में अपने बड़े भाई रामचंद्र शर्मा का हाईस्कूल का प्रमाण पत्र पेश किया।

उसमें उनकी जन्मतिथि 15 मार्च 1960 अंकित है, जिसका मंतव्य यह है कि जब उनके बड़े भाई की जन्मतिथि 15 मार्च 1960 है तो उनकी जन्म तिथि तीन मार्च 1960 कैसे हो सकती है। कोर्ट ने प्रकरण की प्राचीनता को ध्यान में रखते हुए सचिव को तलब किया है।

दारोगा के खिलाफ एनबीडब्ल्यू

इलाहाबाद : जीआरपी में तैनात दारोगा कैलाशपति के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। कोर्ट ने उसे गिरफ्तार कर पेश करने का भी आदेश एसएसपी को दिया है। यह आदेश विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमार ने दिया है।

मामला यह है कि याची शैलेन्द्र कुमार 11 मार्च 2012 को रामबाग मुहल्ले से जा रहा था। तभी दारोगा ने चेकिंग के नाम पर मारपीट की और गाली देते हुए अटैची तोड़ दी थी।

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