वाराणसी
विधानसभा चुनाव का असर अब स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। कई शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लग गई है। ड्यूटी के नाम पर शिक्षकों के विद्यालय से गायब होने की खबरे मिलने लगी हैं।

करीब 2700 प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। सभी को इसकी जानकारी मिल गई है। मतदान और मतगणना के लिए प्रशिक्षण शुरू हो गया है।

इसी के साथ विद्यालयों के शिक्षक गायब होने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि कभी ट्रेनिंग के नाम पर तो कभी ड्यूटी लिस्ट से नाम कटवाने के लिए शिक्षक विद्यालय से गायब हो रहे हैं।

कई विद्यालयों में एक को छोड़कर सभी की ड्यूटी लग गई है। सिर्फ महिला शिक्षकों को छोड़ दिया गया है। एक शिक्षक के भरोसे पूरे विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो सकती।

प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों के अलावा माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भी ड्यूटी लगी है। यहां पर भी पढ़ाई का असर पड़ रहा है।

जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय भी चुनाव ड्यूटी में है। बोर्ड परीक्षा के तैयारियों से अधिक ध्यान उनका चुनावी ड्यूटी पर है। इन कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम है।

शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को किसी न किसी विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसलिए उनकी व्यस्तता बढ़ी हुई है। उनका अधिकतर समय चुनाव तैयारियों से जुड़ी बैठकों में बीत रहा है। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों की मॉनीटरिंग भी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। उनकी प्राथमिकता में इस समय चुनाव ड्यूटी हैं।

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