इलाहाबाद
लोक सेवा आयोग द्वारा 6628 पदों के लिए आयोजित कृषि तकनीकी सहायक परीक्षा का परिणाम हाईकोर्ट ने गलत आरक्षण प्रक्रिया का पालन करने के कारण रद्द कर दिया है।

कोर्ट ने साफ किया है कि चयन हेतु आयोजित परीक्षा और इसके परिणाम में कोई त्रुटि नहीं है। गलती लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अपनाई गई प्रक्रिया में की गई है। इसलिए परिणाम रद्द करना आवश्यक है।

आयोग और प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि लिखित परीक्षा के बाद की प्रक्रिया को नए सिरे से चार माह में पूरा किया जाए।

मनीष उपाध्याय सहित सैकड़ों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।

कोर्ट ने प्रमुख सचिव आयोग से कहा है कि वह कैडर के हिसाब से पदों की संख्या का आंकलन कर लोक सेवा आयोग को उपलब्ध कराएं ताकि चार माह के भीतर साक्षात्कार आदि की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

याचिका में लोक सेवा आयोग के 12 अक्तूबर 2014 के ऑफिस मेमोरेंडम को चुनौती दी गई थी। आयोग ने कृषि तकनीकी सहायक के 6628 पदों का विज्ञापन 20 अक्तूबर 2013 को जारी किया था।

इसमें 3316 पद सामान्य वर्ग, 566 पद ओबीसी के लिए, 2211 पद अनुसूचित जाति के लिए, 235 पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए गए।
लिखित परीक्षा के बाद और साक्षात्कार से पूर्व आयोग ने ऑफिस मेमोरेंडम जारी कर इन पदों में फेरबदल कर दिया।

सामान्य के पदो को 3616 से घटाकर 2515 और ओबीसी के 566 पदों को बढ़ाकर 2030 कर दिया। इसी प्रकार से एससी की सीटें1882 कर दी गईं। याचीगण का कहना था कि राज्य सरकार के पास विभिन्न सेवाओं के कैडर के हिसाब से आरक्षित पदों का डाटा नहीं है।

कहा गया कि आयोग ने मनमाने तरीके से दूसरी श्रेणियों के पदों को ओबीसी के पदों में परिवर्तित कर दिया। जबकि किस वर्ग के कितने पद आरक्षित होंगे यह तय करने का अधिकार राज्य सरकार का है। आयोग को इसका अधिकार नहीं है। कोर्ट ने आयोग द्वारा लागू आरक्षण को संविधान के अनुच्छेद 16(4) के विपरीत करार दिया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि लोक सेवा आयोग द्वारा 30 मई 15 को जारी परिणाम में आरक्षित वर्ग के 88 प्रतिशत और गैर आरक्षित वर्ग में 12 प्रतिशत अभ्यर्थियों को चयनित किया गया।

लोक सेवा आयोग द्वारा जारी चयन सूची में सामान्य को 2515 पद, एससी को 1882(28 प्रतिशत), एसटी को 201(तीन प्रतिशत) और ओबीसी को 2030 (30 प्रतिशत) पद दिए गए।

जबकि मान्य आरक्षण कोटे के अनुसार एससी को 21 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत और एसटी को दो प्रतिशत पद मिलने चाहिए।

यह आंकड़ा 50 प्रतिशत होता है। इससे अधिक पद आरक्षित नहीं हो सकते। 1- 22 अक्तूबर 2013- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ कृषि तकनीकी सहायक ग्रुप सी के 6628 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया।

32 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया, 26 हजार से अधिक ने परीक्षा दी, 15 सितंबर 2014 से 24 अप्रैल 2015 तक साक्षात्कार लिया गया। 21 मई 2015 को अंतिम परिणाम घोषित किया गया।

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