उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा को लेकर डीआईओएस दफ्तर में तैयारियां शुरू होने लगी है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों को परिचय मित्र मिलेगा।

इस संबंध डीआईओएस ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर बायोडाटा भी मांग लिया है। इसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षा के दौरान कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

जिले में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची फाइनल होने के बाद अब विभागीय अफसर सचल दल और कक्ष निरीक्षकों का ब्योरा भी बनाना शुरू कर दिया है। परीक्षा के दौरान नकल को रोकने के लिए शिक्षकों को परिचयपत्र जारी किया जाएगा।

इसका उद्देश्य परीक्षा के दिन संबंधित विषय अध्यापक की ड्यूटी न लग सके। विभाग की ओर से इस संबंध में विद्यालयों से शिक्षकों को ब्योरा मांगा गया है। वर्ष 2016 की परीक्षा में कई परीक्षा केंद्रों में खामियां मिली थी। इसमें संबंधित विषय अध्यापक तक की ड्यूटी लगा दी गई थी।

इस बार ऐसी कोई गलती न हो, इसके लिए पहले ही तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार संबंधित विषय अध्यापकों को परीक्षा के दिन ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।

यदि कोई मिलता है, तो कार्रवाई की भी तैयारी है। डीआईओएस राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है।

परीक्षा केंद्र में ड्यूटी के दौरान बाहरी तत्वों पर अंकुश लगे, ऐसे में सभी को परिचय पत्र साथ में रखना होगा। डीआईओएस की ओर से जारी किए गए पत्र में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को पूरा ब्योरा देना होगा।

इसमें नियुक्ति तिथि के साथ स्नातक और परास्नातक के विषय का कॉलम भी भरना होगा। इसके अलावा विद्यालय में पढ़ाने वाले विषय को भी लिखना है। इसी के आधार पर परिचय पत्र जारी होगा।

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