लखनऊ : प्रदेश में एलटी ग्रेड शिक्षकों की होने जा रही भर्ती के मामले में राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि भर्ती में आवेदन के समय वेबसाइट खराब नहीं हुई थी और याची ने गलत तथ्यों पर याचिका दायर की है, जो खारिज होने योग्य है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस जानकारी का हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है।

सरकारी वकील पंकज पटेल ने राज्य सरकार से जानकारी प्राप्त कर बताया कि आवेदन करने के दौरान 23 से 26 जनवरी के बीच माध्यमिक शिक्षा परिषद की ऑनलाइन वेबसाइट खराब नहीं रही थी। कहा कि इसकी वजह से कोई अभ्यर्थी वंचित नहीं हुआ।

यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने याची सुमन त्रिपाठी की ओर से दायर याचिका पर दिया है। राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका में सही तथ्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। लिहाजा याचिका खारिज किए जाने योग्य हैं।

यह था मामला : प्रदेश में एलटी ग्रेड सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए सरकार ने 19 दिसंबर को विज्ञापन जारी किया था। याची ने याचिका में आरोप लगाया है कि वह इस भर्ती में आवेदन करना चाहती थी।

कहा गया कि विज्ञापन में 26 दिसंबर से 26 जनवरी तक का समय ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने के लिए दिया गया था। याची ने कहा कि 21 जनवरी को उसने रजिस्ट्रेशन फीस भी जमा कर दी थी।

आरोप लगाया गया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट 23 जनवरी से अंतिम तारीख 26 जनवरी तक खराब हो गई, जिससे याची सहित लाखों छात्र आवेदन फार्म भरने से वंचित रह गए। याची ने मांग की है कि उसका आवेदन फार्म जमा करने की अनुमति दी जाए।

सुनवाई के समय सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि याची द्वारा लगाए गए आरोपों को इस स्तर पर सही नहीं माना जा सकता, जब तक विभाग से वास्तविक जानकारी न ले ली जाए। सरकारी वकील ने जानकारी प्राप्त की तो तथ्य पाए गए कि सरकारी वेबसाइट खराब ही नहीं हुई थी।

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