रामपुर।
जनपद के छह हजार प्राइमरी शिक्षकों के वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के हिसाब से नहीं हो सका। अब चुनाव बाद ही निर्धारण हो सकेगा। तब तक शिक्षकों को पुराने हिसाब से ही वेतन दिया जाएगा।

जनपद में करीब छह हजार प्राइमरी शिक्षक हैं। प्राइमरी शिक्षकों का वेतन भी हर माह बीस करोड़ है, लेकिन अब वेतन बजट और बढ़ जाएगा। सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया गया है।

इसलिए शिक्षकों के वेतन में बढ़ोत्तरी की जानी है, जिसका निर्धारण होना था। जनवरी का वेतन निर्धारण के बाद ही दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पहले तो खंड शिक्षाधिकारियों के स्तर से वेतन की प्रक्रिया पूरी करने में देर की गई।

समय से इनपुट नहीं दिए गए। इस बार 25 जनवरी तक चार ब्लाकों से ही इनपुट दिए गए। इनपुट तैयार किए गए तो वेतन निर्धारण करने के लिए सॉफ्टवेयर नहीं आ सका। शासन से वेतन निर्धारण का सॉफ्टवेयर भी मिलना है, जिसका इंतजार किया गया।

आखिरकार इस बार वेतन पुराने हिसाब से ही दिया जा रहा है। जनवरी के बाद फरवरी का वेतन भी पुराने आधार पर ही दिया जाएगा। इसके बाद ही सातवें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन का निर्धारण होगा।
अप्रैल में मिलेगा अंतर।

रामपुर। शिक्षकों को जनवरी माह से सातवें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन दिया जाना था, लेकिन नहीं दिया जा सका। अब जनवरी और फरवरी माह के वेतन का अंतरमूल्य अप्रैल में नगद दिया जाएगा। मंगलवार सात फरवरी तक शिक्षकों का वेतन खाते में पहुंचने की संभावना है।

शिक्षकों को मायूसी

रामपुर। शिक्षक इस बार वेतन ज्यादा मिलने की आस लगाए बैठे थे। सातवे वेतन आयोग के हिसाब से पांच से आठ हजार तक शिक्षकों का वेतन बढ़ना है, लेकिन अब पुराना वेतन ही मिलेगा।

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