लोकसेवा आयोग वर्ष 2013 को ही आधार वर्ष मानते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों को वर्ष 2017 से ही अतिरिक्त अवसर देने की पूरी तैयारी में है।

यानी वर्ष 2013, 2014, 2015 व 2016 में ओवरएज अभ्यर्थी दो बार पीसीएस की परीक्षा दे सकेंगे। सूत्रों की मानें तो शासन से यही सिफारिश भी की जा चुकी है। शासन का निर्देश आने के बाद आयोग पीसीएस 2017 के लिए फिर आवेदन मांगेगा,क्योंकि बीते 22 मार्च को ही पीसीएस के लिए पंजीकरण और 27 मार्च को ऑनलाइन आवेदन पूरा हो चुका है।

इसमें 300 पदों के लिए चार लाख 57 हजार अभ्यर्थी दावेदारी कर चुके हैं। अतिरिक्त अवसर मिलने पर दावेदारों की तादाद और बढ़ना तय है। यही नहीं पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 21 मई प्रस्तावित है, यह इम्तिहान अब जुलाई में कराने की तैयारी है।

🎯क्या है प्रकरण ?
यूपीएससी ने 2011 की आइएएस परीक्षा में सीसैट को लागू किया था। इसके बाद 2012 से यूपीपीएससी ने भी पीसीएस में इसे लागू किया। यहां 2011 तक एक विषय व सामान्य अध्ययन का इम्तिहान होता था,

लेकिन 2012 से विषय की जगह पर सीसैट व सामान्य अध्ययन की परीक्षा होने लगी। यह व्यवस्था 2015 तक लागू रही। 2016 से इसे क्वालीफाइंग कर दिया गया। उसी समय से यूपीपीएससी में दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग हो रही थी। इसका कारण यूपीएससी का निर्णय रहा है।

जहां 2014 में ही क्वालीफाइंग कर दिया गया। साथ ही सरकार ने युवाओं को दो अतिरिक्त अवसर, परीक्षा देने के मौके चार से बढ़ाकर छह और उम्र 30 से बढ़ाकर 32 की गई। इस पर उप्र लोकसेवा आयोग का कहना था कि यह निर्णय केंद्र सरकार का है। इसमें प्रदेश सरकार निर्णय करे।

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