ब्यूरो इलाहाबाद । इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के अपमान से वहां के शिक्षक भड़के हुए हैं। उन्होंने मंगलवार को बैठक कर सांसद विनोद सोनकर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।

साथ ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की ओर से प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति, सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों,राज्यपालों और सांसदों को पत्र भेजकर मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों का कहना है कि किसी सांसद को कुलपति का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है।

एक सांसद नहीं, बल्कि भाजपा ने कुलपति का अपमान किया है।गौरतलब है कि मंगलवार को आयोजित कौशाम्बी महोत्सव में कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किया गया था लेकिन कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर सोमवार को आयोजन समिति के प्रमुख सांसद विनोद सोनकर ने कुलपति के पास संदेश भेजवा दिया कि उन्हें कार्यक्रम में आने की जरूरत नहीं है।

सांसद ने भी माना था कि उन्होंने वीसी को आने से मना कर दिया है, क्योंकि वह नहीं चाहते कि कार्यक्रम को लेकर किसी तरह की राजनीति हो। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक वीसी का यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सके। मंगलवार को हुई ऑटा की बैठक में शिक्षकों ने सांसद के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया।

शिक्षकों ने कहा कि कुलपति ने महोत्सव में शामिल होने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। सांसद ने कुलपति का अपमान किया है और शिक्षा जगह को चोट पहुंचाई है।

निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, सांसदों को पत्र भेजकर पूछा जाएगा कि भाजपा में अतिथि सत्कार का क्या यही तरीका है। बैठक में ऑटा के अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे, महासचिव प्रो. शिवमोहन प्रसाद, उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।

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