औरैया : भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के एक मामले में तत्कालीन डीआइओएस राज कुमार पंडित के खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं।

इस पर जिला सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने प्रमुख सचिव शिक्षा को पत्र लिख कर 15 अप्रैल तक उन्हें न्यायालय में हाजिर कराए जाने के निर्देश  दिए हैं।

जनता इंटर कालेज विरुहूनी के प्रबंधक देवेन्द्र कुमार पांडेय द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दायर किया गया मुकदमा जिला जज की अदालत में विचाराधीन है।

इसमें राज कुमार पंडित वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमेठी अभियुक्त हैं। यह पहले औरैया में डीआइओएस रह चुके हैं। अभियुक्त राज कुमार पंडित की अदालत में उपस्थित सुनिश्चित कराए जाने को कई सम्मन व गैरजमानतीय वारंट भेजे जा चुके हैं।

न्यायालय के आदेश की स्पष्ट जानकारी होने के बावजूद जब गैरजमानतीय वारंट लेकर उपनिरीक्षक गिरफ्तारी को जाता है तो आरोपी राज कुमार पंडित अपने अमेठी स्थित कार्यालय से भाग जाते हैं।

जिला जज ने कहा है कि महत्वपूर्ण एवं दायित्व वाले पद पर पदासीन होने के बाद भी वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

प्रमुख सचिव शिक्षा को भेजे में कहा है कि राज कुमार पंडित पर कार्रवाई करते हुए उन्हें 15 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित कराएं।

🎯यह है आरोप :
याची देवेन्द्र कुमार पांडेय ने भ्रष्टाचार की एफआइआर दर्ज कराई थी। इसके तहत उच्च न्यायालय व मंडलीय समिति के आदेशों के परिप्रेक्ष्य में काम न करके विपक्षी उमा दीक्षित को फायदा देने के लिए जनता इंटर कालेज विरूहूनी का चुनाव करा दिया था।

कानून एवं कर्तव्यों का दुरुपयोग करते हुए किसी को क्षति पहुंचाना भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। इसके तहत यह अभियोग न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया था। इसमें तत्कालीन डीआईओएस राज कुमार पंडित का नाम भी शामिल है।

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