बरेली। जाट रेजीमेंट सेंटर में चल रही सेना भर्ती में सेंध लगाने की कोशिश में दलालों का गैंग सक्रि य है। फर्जी दस्तावेज के साथ अब तक करीब 92 अभ्यर्थियाें को पकड़ा जा चुका है।

इनके पास से फर्जी प्रमाण पत्र पाए गए हैं। ये प्रमाण पत्र लखीमपुर से लेकर सीतापुर, बहराइच और फर्रुखाबाद में बैठे अभ्यर्थियाें के भी आसानी से बनाए गए हैं। इनमें आधार कार्ड के अलावा उप्र शासन की वेबसाइट से जारी होने वाला निवास प्रमाण पत्र शामिल है।

कुछ अभ्यर्थियों ने तो एक ही साल में सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षा पास करने का भी एक ही साल में प्रमाण पत्र दिया। इन सभी दस्तावेजों को सेना मुख्य सचिव के पास भेज रही है ताकि फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सके।

सेना भर्ती रैली में आए अभ्यर्थी श्लोक के पास से एसडीएम द्वारा जारी दो सामान्य निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हुए। एक में सीतापुर निवास दिखाया गया है जबकि दूसरे में लखीमपुर। इसके पास से अलीगढ़ से इंटरमीडिएट और सीतापुर से सीबीएसई की मार्कशीट पाई गई है।

वहीं कुछ अभ्यर्थी अपने साथ ग्राम प्रधान द्वारा जारी कोरे चरित्र और जाति प्रमाण पत्र साथ लाए थे। श्लोक पहली अप्रैल को सीतापुर के लिए और 2 अप्रैल को लखीमपुर की भर्ती के लिए अलग- अलग एडमिट कार्ड लाया था।

बुलंदशहर में चल रहा है नकली दस्तावेज बनाने का काम :-
बुलंदशहर के गनौरा शेख गांव में रहने वाले श्लोक ने आर्मी अधिकारियों को दिए लिखित बयान में कहा है कि उसके सारे कागज नकली है और भर्ती में गलत तरीके से शामिल होने आया था। उसने सारे कागज बुलंदशहर से बनवाए हैं।

बताया कि अनुपशतर का रहने वाला दलाल योगेश ने उसके कागज बनाने में मदद की। यहां तक की प्रवेश पत्र भी नकली है।

आधार कार्ड ही नकली बना लिया :-
भर्ती में पकड़े गए अलीगढ़ के राजीव कुमार ने तो आधार कार्ड ही नकली बनाया है। उसका कार्ड देखकर संदेह जताया गया।

वेबसाइट पर जांच की गई तो कार्ड किसी और का निकला। ऐसे में राजीव को पकड़ा गया। उसके पास से फर्रुखाबाद का आधार कार्ड और इंटरमीडिएट का प्रमाण पत्र अलीगढ़ से बना है।

इसके पास से हरदोई के ग्राम प्रधान के दो रबर स्टैंप भी मिले हैं।सेना भर्ती में आने वाले अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेजाें को विशेष तकनीक से पकड़ा जा रहा है। सरकारी एजेंसियों से जारी यह दस्तावेज देखने में बिल्कुल असली हैं।

इन प्रमाण पत्राें को मुख्य सचिव के सामने रखा जाएगा। कोशिश की जाएगी कि आगे कुछ ऐसी प्रक्रिया प्रमाण पत्र बनाने में आए ताकि फर्जी कागज बनाने में रोकथाम लगे। जो प्रमाण पत्र पकड़े गए हैं उनके नेटवर्क को फॉलो किया जा रहा है।
कर्नल जेएस धनोवा, निदेशक, सेना भर्ती बोर्ड

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