ज्ञानपुर/ऊंज (भदोही) : नए शिक्षण सत्र की शुरूआत हुए एक पखवारे से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। कांवेंट व नर्सरी विद्यालयों में जहां प्रवेश को लेकर कतार लगी हुई है तो वहीं परिषदीय स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति न के बराबर है।

उपस्थिति को दरकिनार प्रवेश की रफ्तार पूरी तरह सुस्त पड़ी हुई है। कारण चाहे जो भी हो लेकिन परिषदीय विद्यालयों में नाम मात्र के ही प्रवेश हो सके हैं। उधर इस बार लोगों को जागरुक करने के लिए कोई जागरुकता अभियान भी चलते नहीं दिख रहा है।

बुनियादी शिक्षा को सु²ढ़ करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष लाखों करोड़ों रुपये पानी की तरह भले ही बहा दिए जा रहे हों लेकिन परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर में कोई विशेष सुधार होते नहीं दिख रहा है।

एक ओर जहां अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों के विद्यालय आने व जाने के समय को लेकर जहां शिकायत उठती रहती है वहीं बच्चों की संख्या भी प्रत्येक वर्ष घटता जा रहा है। जिला मुख्यालय के आस-पास सहित ग्रामीण क्षेत्रों तक में स्थित विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन की रफ्तार पूरी तरह सुस्त पड़ी हुई है। जबकि शिक्षण सत्र की शुरुआत हुए 18 दिन का समय व्यतीत हो चुका है।

उधर कांवेंट व नर्सरी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर कतार लगी देखी जा रही है। परिषदीय विद्यालयों में अब तक हुए नामांकन को देखा जाय तो जिला मुख्यालय नगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय ज्ञानपुर प्रथम में कक्षा एक में सात तो विभिन्न कक्षाओं में मिलाकर 12 नामांकन किए गए हैं।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर में कक्षा छह में 11 बच्चों का ही दाखिला हो सका है। इसी तरह डीघ ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ऊंज में कक्षा एक में तीन व पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऊंज में कक्षा छह में छह बच्चों तथा प्राथमिक विद्यालय नौधन में कक्षा छह में मात्र 13 बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित हो सका है।

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