संवाददाता, आजमगढ़ : जनपद के परिषदीय विद्यालयों के दस हजार शिक्षकों का वेतन लटक गया है। इसकी वजह से उनके समक्ष संकट उत्पन्न हो गया है। समय से बजट न आने की वजह से शिक्षकों के खाते में धन नहीं भेजा जा सका।

केवल चार हजार शिक्षकों के खाते में धन भेजा जा चुका है। अब नए बजट आने के बाद ही शिक्षकों का वेतन भुगतान हो पाएगा। ऐसे में शिक्षकों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। रामनवमी का त्योहार भी उन्हें तंगहाली में बिताना पड़ा। आगे शिक्षकों की तमाम समस्याएं हैं।

ऐसे में उन्हें से तीन-चार होना ही पड़ेगा। दूसरी तरफ कुछ शिक्षक संघ के लोग अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाकर इसे राजनीतिक तूल पकड़ा रहे हैं। इससे विभाग की छवि खराब हो रही है।1जनपद में परिषदीय विद्यालयों में करीब 13000 शिक्षक हैं। हर माह ग्रांट के साथ शिक्षकों का वेतन उनके खाते में भेजा जाता है। जनवरी माह में शिक्षकों का वेतन मिला था। फरवरी में बजट ही नहीं आया। इसकी वजह से इस माह का वेतन लटका हुआ था।

31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला था। ऐसे में सभी शिक्षकों को आस थी कि उससे पहले उनका वेतन खाते में पहुंच जाएगा। सूत्रों की मानें तो विभाग में बजट ही 30 मार्च की रात में आया। इसके बाद विभागीय अधिकारी व कर्मचारी युद्धस्तर पर वेतन भेजने की कवायद में जुट गए लेकिन वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सभी आफिस व कार्यालयों के खुलने व अपने-अपने काम निबटाने में लगे रहने की वजह से सर्वर भी लोगों को जवाब दे गया था।

सर्वर डाउन रहने की वजह से कम्प्यूटर काम ही नहीं कर रहा था। 1इसकी वजह से कोषागार कार्यालय में 31 मार्च तक विभागीय अधिकारी मशक्कत करते रहे और हाल यह हुआ कि केवल चार हजार शिक्षकों का ही वेतन उनके खाते में जा सका।

शेष दस हजार शिक्षकों का वेतन अटक गया। इसे शिक्षक संघ ने विभाग की गलती मानकर तरह-तरह का आरोप लगाते हुए कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया लेकिन सब सच्चाई पता चली तो सभी हक्का-बक्का रह गए। आरोप था कि विभागीय मिलीभगत से वेतन नहीं दिया गया है लेकिन विभाग की मानें तो बजट समय से न आने से उनका भुगतान लटका गया।

अधिकारी देर रात तक वेतन भेजवाने में लगे रहे। अफसरों की मानें तो सर्वर व कम समय की वजह से उनकी एक न चल पाई। ऐसे में शिक्षकों को किसी भी तरह से गुमराह होने की जरूरत नहीं है। विभाग की तरफ से वेतन भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है

🎯तमाम शिक्षकों ने बदल दिया खाता :-
आजमगढ़ : परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले 260 शिक्षकों ने ऐन वक्त पर अपना खाता बदल दिया। इसकी वजह से फाइल अपलोड होने में बाधा आई। उसे दूर किया गया।

वित्त सेवा के विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। तीन बार नए टोकन लेकर अपलोड किया गया किन्तु बिल रात तक जनरेट नहीं हो पाई। कुछ शिक्षकों ने अपने खाते से लोन ले रखा है और लोन की धनराशि काटने को लेकर उन्होंने खाता बदल दिया। इसमें विभाग के अफसरों से राय भी नहीं ली गई।इसके अलावा कुछ नए शिक्षक भी इसमें शामिल हैं।

’नए बजट आने से ही शिक्षकों के खाते में पहुंचेगा धन रामनवमी का त्योहार भी तंगहाली में बीता, तनाव जारीरात में 12 बजे तक कार्य किया गया। सर्वर डाउन रहने से भुगतान की फाइल अपलोड नहीं हो पाई।

इस दौरान कुछ छोटी फाइलों में आनलाइन भुगतान हो गया लेकिन अधिसंख्य लोगों का वेतन रूक गया और पैसा शासन को वापस चला गया। ऐसे में बजट आते ही भुगतान की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।-श्रीनाथ कुशवाहा : मुख्य कोषाधिकारी आजमगढ़।

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