लखीमपुर जिले के बेसिक शिक्षाअधिकारी की कार्यशैली से हतप्रभ बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी देश दीपक पांडेय जी के समर्थन में संगठन की जनपद श्रावस्ती की कार्यकारिणी के सदस्यों ने घोर निंदा की है।

कार्यकारिणी के जिला अध्यक्ष अजीत कुमार शुक्ला ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा की यदि शिक्षिका बच्चे को दुग्ध पान कराते समय अर्धनिद्रा की अवस्था में थी और ऐसा होना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्वाभाविक भी है तो ऐसे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षिका की निजता की अनदेखी करते हुए उसकी फोटो क्यों खीची गयी?यदि शाक्ष्य जुटाने के लिए ऐसा किया गया तो उसे सार्वजनिक क्यों किया गया?

जैसा कि फ़ोटो को देखने से प्रतीत होता है कि दूध की बोतल पास में थी लेकिन बालहठ से उद्वेलित मातृत्व ने बच्चे की जिजीविषा को शांत करने के लिए ऐसा किया तबतक BSA की हितलरवादी नीति ने उस फ़ोटो को सार्वजनिक करते हुए अपनी सक्रियता को सावित  कर दिया।

इस पुरुष प्रधान समाज  मे एक महिला अपने कितने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षण कार्यों को निभाती है इसका अंदाजा महोदय को स्वयं लगाना चाहिये।एक शिक्षक अपने विद्यालयी दायित्वों को किस प्रकार निभाता है उसका अंदाजा हमारे निरीक्षणकर्ताओं को क्यों नही होता?

क्या उच्चाधिकारियों की शिक्षको के प्रति अतिवादी व पूर्वाग्रह से युक्त मानसिकता को प्रदर्शित नही करता।
मित्रों हमे संगठित होने की जरूरत है नही तो हम सब को पता है कि--

माली आवत देखकर
कलियन करी पुकार।
फूले-२ चुन लिए कालि हमारी बारि।।

मित्रों! मैं सर्वप्रथम एक शिक्षक और फिर संगठन का पदाधिकारी होने के नाते अपने समस्त शिक्षको खासकर शिक्षिका बहनों से करबद्ध निवेदन करता हूँ कि कल हम सब लोग अपने ही परिवार के साथ हुई इस वीभत्स घटना के विरोध में अपने-2 विद्यालय में अपनी बाहों में काली पट्टी बांधकर बिरोध तो जाता है सकते हैं।
आखिर कब तक हम ऐसे सर्पदंश झेलते रहेंगें

मैं अपनी इस पोस्ट के माध्यम से आप सब का साथ चाहता हूँ और भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस हेतु माननीय जिलाधिकारी श्रावस्ती को ज्ञापन देने हेतु आप सब के साथ का सदैव आकांक्षी

आपका अपना साथी-
राकेश कुमार तिवारी(जिला संरक्षक(बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन श्रावस्ती उत्तर प्रदेश)

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