जागरण संवाददाता, आगरा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बेसिक स्कूलों में शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहते हैं,लेकिन अफसरों को इससे कोई सरोकार नहीं है।

नगर निगम के एक अफसर ने एकल स्कूल की प्रधानाध्यापक को स्कूल बंद कर आगरा में रेपिड सर्वे कार्य करने का फरमान सुना दिया है।अब प्रधानाध्यापक असमंजस में है।

आगरा से उसका तैनाती वाला स्कूल दूर है। अफसरों के उक्त रवैये का विरोध करने के लिए मंगलवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश चाहर अन्य पदाधिकारियों के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे, लेकिन बीएसए नहीं मिले।

इस मामले से सदर तहसीलदार और एबीएसए को अवगत कराया गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश चाहर कहते हैं कि अगर प्रधानाध्यापक से रेपिड सर्वे कराना है तो स्कूल बंद करने के आदेश देने चाहिए। स्कूल बंद करने की शिकायत पर अगर प्रधानाध्यापक का वेतन कटा या निलंबन हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा?

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