जागरण संवाददाता, हापुड़ : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जुलाई से सिटीजन चार्टर लागू किया जाएगा, जिससे हर कामकाज की समय सीमा तय हो जाएगी।

शिक्षकों को इन कार्यालयों में अपने काम के लिए बार-बार चक्कर काटने से छुटकारा मिल सकेगा। बाबुओं की मनमानी पर भी इससे अंकुश लगने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

शासन ने डीआइओएस और बीएसए को निर्देश दिए हैं कि वे सिटीजन चार्टर लागू करने की तैयारी करें। हर काम की समय सीमा तय होनी चाहिए। इसके आधार पर पूरे कामकाज की निगरानी होगी। वर्तमान में किसी भी काम की समय सीमा तय नहीं है।

ऐसे में फाइलें बाबुओं के पास लंबित पड़ी रहती हैं। जवाबदेही न होने से शिक्षक कार्यालय बार बार दौड़ने को मजबूर रहते हैं। डीआइओएस कार्यालय में वेतन संबंधी प्रकरण, प्रोन्नति के मामले, शिक्षक संघों के स्तर से आने वाली शिकायतों का निस्तारण, टीसी सत्यापन, निरीक्षण, सेवानिवृत्ति आदि की फाइलें से जुड़े मामले सिटीजन चार्टर में आएंगे।

बीएसए कार्यालय में भी प्रोन्नति, वेतन, पेंशन, स्थानान्तरण और अवकाश संबंधी अनेक प्रकरण सिटीजन चार्टर में शामिल किए जाएंगे। जून तक इसकी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सभी तरह के कामकाज और समय सीमा बोर्ड पर चस्पा कर सार्वजनिक किए जाएंगे।

जुलाई से इसे हर हाल में लागू कर दिया जाएगा। अब तक शिक्षक अपने मामूली कामों के लिए भी बीएसए और डीआईओएस कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन बाबुओं की मनमानी के चलते उन्हें लगातार चक्कर काटने पड़ते हैं।

अनेक बार शिक्षकों और बाबुओं की बीच झड़प के मामले भी प्रकाश में आते रहते हैं। अब इस कवायद के शुरू होने के बाद शिक्षकों का शोषण तो बंद होगा ही साथ ही बाबुओं द्वारा सुविधा शुल्क मांगने से भी छुटकारा मिल जाएगा।

आदेश मिल चुका है। जुलाई से इसे लागू करने की तैयारी शुरू की गई है। अलग-अलग कामों की अलग अलग समय सीमा निर्धारित की जा रही हैं।

बीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक

शासनादेश के अनुसार सिटीजन चार्टर को लागू किया जाएगा। शिक्षकों को समय सीमा के अंदर ही अपना काम पूरा मिल सकेगा।

देवेंद्र गुप्ता, बीएसए

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