ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ यूपी में नए सत्र से 2.5 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों के बच्चों को वजीफा और शुल्क भरपाई का फायदा देने की तैयारी है।

अभी यह सीमा दो लाख रुपये ही है। राज्य सरकार ने तय आय सीमा 50 हजार बढ़ाने का फैसला किया है। इस बाबत समाज कल्याण विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है।

एक अनुमान के मुताबिक आय सीमा बढ़ने से हर साल 5-10 लाख और विद्यार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।

सूबे में दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ-साथ शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा मिलती है। अब तक लागू दो लाख सालाना आमदनी की सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किए जाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।

🎯केंद्र सरकार पहले से ही दे रही है फायदा :-

केंद्र सरकार पहले से ही 2.5 लाख रुपये तक आमदनी वाले परिवारों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ देती है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने भी तय कर लिया है कि वह केंद्र सरकार की तरह ही 2.5 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वालों को योजना के दायरे में लाएगी।

सरकार की इस मंशा के तहत समाज कल्याण विभाग ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।

अभी 35 लाख विद्यार्थी पाते हैं वजीफा का फायदा*
प्रदेश में हर साल करीब 35 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना का लाभ मिलता है। इसके लिए करीब 3400 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था की जाती है।

एक टिप्पणी भेजें

 
Top