वाराणसी : सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। विश्वविद्यालय को अगर दो महीने में सरकार से मदद नहीं मिली तो वेतन भुगतान के लिए विकास मद की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी। गुरुवार को वित्त समिति की बैठक में करीब दस करोड़ रुपए घाटे का बजट पारित हुआ।

वित्तसमिति के समक्ष प्रस्तुत बजट में करीब 28 करोड़ रुपये आय और 18 करोड़ रुपए व्यय दिखाया गया है। इसमें दस करोड़ शासन से अनुदान और आठ करोड़ फीस से प्राप्त होता है। विश्वविद्यालय के पास अप्रैल और मई के वेतन भुगतान का ही पैसा है।

सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन भुगतान और शिक्षकों को रिक्त पदों पर भर्ती होने पर वेतन मद में खर्च और बढ़ेगा। वित्त समिति को बताया गया कि अनुदान बढ़ाने के लिए कुलपति प्रो.यदुनाथ दुबे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं।

वित्त समिति ने परीक्षा नियंत्रक द्वारा उड़ाका दल के सदस्यों के लिए 500 रुपए प्रतिदिन मानदेय के रूप में देने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। जनपद में जाने वाले उड़ाका दल के सदस्यों को दोनों पालियों में ड्यूटी करने पर 300 रुपए और वाराणसी से बाहर जाने पर 500 रुपए दिये जाएंगे।

कुलपति प्रो.यदुनाथ दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी केके.तिवारी, वित्त अधिकारी प्रो.पीएन सिंह, कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक डॉ.राजनाथ और प्रो.सुभाषचंद्र तिवारी शामिल थे।

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