संवाददाता, एटा : शासन तो पहले ही घोषणा कर चुका है। अब जिला स्तर पर भी शैक्षणिक सुधारों के प्रयासों को अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।

स्कूल खुलते ही हर विद्यालय के बाहर नियुक्त शिक्षकों के फोटो का फ्रेम लगेगा। गुरुजी के अलावा अन्य स्टाफ को भी फ्रेमिंग में सजाने के निर्देश दे दिए गए हैं। फोटो के साथ नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर तक अंकित कराना होगा।

स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की डुप्लीकेसी को समाप्त करने के लिए सबसे पहला कदम स्कूल खुलते ही नजर आने लगेगा। पूर्व में स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थान पर दूसरों के नौकरी करने जैसी शिकायतें मिलने के बाद नया फार्मूला तैयार किया गया है।

हालांकि पूर्व में सरकार ने उपस्थिति रजिस्टर पर शिक्षक-कर्मचारियों के फोटो चस्पा किए जाने की व्यवस्था की थी, लेकिन गांव के लोगों या जब कभी निरीक्षण को पहुंचने वाले अधिकारियों का भी ध्यान उस पर नहीं जाता था।

इसी कारण अब बदलाव करते हुए सभी शिक्षक व स्टाफ के फोटो फ्रेमिंग में स्कूल के बाहर लगेंगे, ताकि स्कूल पहुंचने वाला हर अभिभावक स्कूल में नियुक्त स्टाफ को सिर्फ शक्ल से ही न पहचाने बल्कि उसके पद और अनुपस्थिति या जरूरत की स्थिति में मोबाइल पर भी संपर्क कर सके। जब स्कूल की दीवार पर फोटो लग जाएंगे तो किसी के स्थान पर दूसरा काम करने वाला ग्रामीणों की नजर में भी आ जाएगा।

रसोइया महिलाओं के मामले में भी अब यह नहीं चलेगा कि कागजों में दर्ज महिलाएं अलग और काम करने वाली अलग महिलाओं को जानने के साथ ही उनकी सही संख्या भी ग्रामीणों और अभिभावकों को मालूम हो जाएगी।

इस व्यवस्था को शुरू कराने के लिए विभाग ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमाकांत वर्मा ने निर्देश दिए हैं।

सभी प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गई है कि वह जुलाई को पहले दिवस से ही निर्देशों के अनुरूप फोटो सहित निर्धारित सूचनाएं स्कूल पर चस्पा करा दें। इसके बावजूद भी किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो उत्तरदायित्व प्रधानाध्यापक का होगा।

अभी बना है असमंजस :-

अभी स्थानांतरण समायोजन प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसके तहत अदला-बदली होगी। ऐसी स्थिति में मौजूदा स्टाफ के फोटो, अन्य जानकारियां फिर से बदलनी पड़ेगी। इसको लेकर असमंजस बना हुआ है कि अभी निर्देशों का पालन हो या फिर समायोजन होने के बाद।

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