प्रतापगढ़। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बी एन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त/अमान्य विद्यालय को संचालित किया जाना एक दण्डनीय अपराध है।

कोई भी व्यक्ति जो मान्यता प्रमाणपत्र अभिप्राप्त किए बिना कोई विद्यालय स्थापित करता है या चलाता है व मान्यता वापस लेने के पश्चात विद्यालय चलाना जारी रखता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

बीएसए ने कहा है कि ऐसे लोग यदि विद्यालय संचालित करते पाये गए तो एक लाख रूपये जुर्माने के भागीदार होंगे और जब तक विद्यालय का संचालन बन्द नहीं करते दस हजार रुपया प्रति दिवस का अतिरिक्त दण्ड भुग़तना होगा।

     बीएसए ने मान्यता विहीन/ अमान्य प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रबन्धतंत्र को आगाह किया है कि ऐसे विद्यालयों को तत्काल बन्द करके नामांकित बच्चों को बगल में स्थित परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश कराना सुनिश्चित करे।
       बतादें कि वगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों का संचालन बन्द करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

बीएसए ने बताया कि शासन के निर्देश पर शिक्षा निदेशक (बेसिक)उ0प्र0 द्वारा वगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों का सघन निरीक्षण कर  उन्हें बंद कराये जाने,जुर्माना वसूले जाने के सम्बन्ध में दिशा निर्देश प्राप्त हो चुके है।

उन्होंने साफ़ कहा है कि शासन के निर्देशों के तहत इसे एक अभियान के तहत अमली जामा पहनाया जाएगा और उस विद्यालय के प्रबन्धतंत्र के बिरुद्ध निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में बिहित प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय कार्यवाही की जायेगी।

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