जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : स्कूलों में शनिवार से नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू तो हो गया, लेकिन आधी-अधूरी किताबें मिलने से अनेक बच्चों को मायूसी हाथ लगी। जिन विषयों की किताबें पहुंची भी हैं वह छात्रों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं।

आठवीं तक की कुल 63 प्रकार की नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का क्रय आदेश जारी हुआ था। 15 जुलाई तक सभी किताबें प्रकाशकों को उपलब्ध करानी थीं, लेकिन अभी केवल 11 प्रकार की ही किताबें जनपदीय भंडारण केंद्र पर आई हैं। इनमें से दो चरणों में सात प्रकार की पुस्तकों का सत्यापन हुआ है। बढ़पुर के कन्या प्राथमिक विद्यालय बुढ़नामऊ में पुस्तकों का वितरण हुआ। कक्षा पांच में 20 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन अंग्रेजी की किताब रेनबो 15 ही पहुंचाई गईं। कक्षा चार के 20 बच्चों के लिए भी 15 पुस्तकें ही थीं। कक्षा तीन के 29 बच्चों के लिए संस्कृत व ¨हदी की किताब 15-15 ही थीं। कक्षा दो में भी गणित व ¨हदी की किताब कम पड़ गईं। कक्षा एक के बच्चों के लिए किसी विषय की किताब नहीं पहुंची। प्रधानाध्यापक नानकचंद्र ने बताया कि न्याय पंचायत स्तर से मिली किताबों को वितरित करा दिया गया। शेष पुस्तकें आने पर वितरण होगा।

खंड शिक्षा अधिकारी संजय डबराल ने बताया कि जनपदीय भंडारण केंद्र से न्याय पंचायतों पर शनिवार को ही छह प्रकार की किताबें पहुंची थीं। जल्दबाजी के कारण हो सकता है कि कुछ विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप पुस्तकें न पहुंच पाई हों। अवशेष पुस्तकें विद्यालयों में उपलब्ध करा दी जाएंगी।

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