संवाददाता, ज्ञानपुर(भदोही): खंड शिक्षा अधिकारी डीलर तो संकुल प्रभारी इन दिनों डिस्ट्रीब्यूटर बन गए हैं। यह सुनने में अटपटा जरूर लग रहा है लेकिन मामला शत प्रतिशत सही है। आलम यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग के सिर पर एक बार फिर जौनपुर की संस्था का जादू चल रहा है। इशारा मिलते ही विद्यालयों में बंडल धकेल दिया जा रहा है। बगैर कोटेशन और सिलाई कराए शुरू इस खेल को अधिकारी जानते हुए भी जहमत नहीं उठाना चाह रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही डिजिटल व्यवस्था पर जोर देकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में जुटे हुए हों लेकिन उनके अफसर अपने काले कारनामे से बाज नहीं आ रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में कई वर्षों से एक ही ब्लाक संसाधन केंद्र पर डटे खंड शिक्षा अधिकारी डीलर के रूप में काम कर रहे हैं। उनके ही इशारे पर संकुल प्रभारी द्वारा खास रहे संस्था का नाम प्रधानाध्यापकों तक पहुंचाया जा रहा है।

इस खेल से विभागीय अधिकारी भी अंजान नहीं हैं। नियमानुसार नौनिहालों के ड्रेस वितरण के लिए कोटेशन आदि की व्यवस्था की गई है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ड्रेस वितरण में मानक का ख्याल रखा जाए। बगैर सिलाई कराए बच्चों में ड्रेस वितरित न किया जाए।इसके लिए शासन से छह करोड़ से अधिक रुपये अवमुक्त किया गया है।

हकीकत तो यह है कि स्कूलों में बगैर सिलाई कराए ही ड्रेस वितरण कर दिया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस बार भी जौनपुर की संस्था का जादू अफसरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। जिले में भदोही क्षेत्र एक संस्था के अलावा जौनपुर की संस्था ही ड्रेस की आपूर्ति कर रही है। इस संबंध में अधिकारी भी कुछ बोलने से कतार रहे हैं।

डीएम के अल्टीमेटम को ठेंगा :

शिक्षा सत्र 2016-17 में जिलाधिकारी के रोक के बाद भी 25 फीसद भुगतान करने के मामले में जिलाधिकारी विशाख जी ने दोषी 545 शिक्षकों को भुगतान की गई धनराशि को जमा करने के साथ ही साथ स्पष्टीकरण मांगा था। उनके अल्टीमेटम को बेसिक शिक्षा विभाग ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। अभी तक किसी शिक्षक ने न तो धनराशि को जमा किया और जवाब दिया। आरटीआइ कार्यकर्ता आदर्श त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि ड्रेस वितरण में जीएसटी टैक्स की व्यापक स्तर पर चोरी की जा रही है। आरोप लगाया कि पूर्व की भांति इस बार भी नि:शुल्क यूनिफार्म वितरण में नियमों की अनदेखी की जा रही है।

---------------------

हवा हवाई साबित हो रहा डीएम का निर्देश :-

जिलाधिकारी विशाख जी गत दिनों भ्रमण के दौरान औराई क्षेत्र के एक विद्यालय में धमक पड़े थे। यहां के प्रधानाध्यापक को तत्काल स्थानांतरित करने और प्रेरक का सेवा समाप्त करने को कहा था। धीरे-धीरे एक पखवारा बीत गया लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग जिलाधिकारी के निर्देश को ठेंगा दिखा दिया। यही नहीं उप जिलाधिकारी केशवनाथ गुप्ता ने तीन विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां भेजी थी लेकिन उस रिपोर्ट पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। यह तो एक बानगी भर है। इसके अलावा भी तमाम निर्देश आदेश यहां पर तैनात मास्टर माइंड लिपिक हथेली गरम कर गड़प कर जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

 
Top