रामपुर निज संवाददाता, जनपद के दो हजार शिक्षामित्रों को अब 10 हजार मानदेय दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग को शासन का आदेश प्राप्त हो गया है। मानदेय भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनपद में 2130 शिक्षामित्र हैं।

इनमें से दो हजार शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर कर दिया गया था। दो साल की दूरस्थ बीटीसी कराई गई थी, जिसके बाद तैनाती कर दी गई थी, लेकिन समायोजन के खिलाफ शिक्षकों का एक संगठन हाईकोर्ट चला गया था।

दो साल पहले हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने भी 25 जुलाई को फैसला सुना दिया था, जिसमें समायोजन निरस्त किए जाने पर ही मुहर लगाई थी, जिसके बाद शिक्षामित्र सड़कों पर उतरे। बाद में लखनऊ में आंदोलन किया और दिल्ली में भी आंदोलन किया, लेकिन सरकारों से राहत नहीं मिली।

कुछ रोज पहले कैबिनेट की बैठक में हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन निरस्त कर शिक्षामित्रों का 10 हजार मानदेय तय किया था, जिसका आदेश प्राप्त हो गया है। अगस्त माह का भुगतान 10 हजार मानदेय के हिसाब से किया जाएगा।

40 से 10 हजार पर आए शिक्षामित्र :

रामपुर। शिक्षामित्रों को समायोजन से पहले 3500 रुपये मानदेय दिया जा रहा था, लेकिन समायोजन होते ही वे 30 हजार के वेतन पर पहुंच गए थे, लेकिन सातवें वेतन आयोग के बाद वे 38 हजार वेतन पर पहुंच गए थे। अब समायोजन निरस्त होने के बाद 10 हजार मानदेय पर आ गए हैं।

बोले लेखाधिकारी :
शिक्षामित्रों को 10 हजार मानदेय का शासनादेश मिल गया है। अगस्त से इसी हिसाब से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। -श्यामलाल जायसवाल, वित्त एवं लेखाधिकारी

एक टिप्पणी भेजें

 
Top