फतेहपुर LIVE - अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह से जाने OPS  बहाली की रणनीति,28 अक्टूबर 2018 को सांसद आवास का होगा घेराव


मित्रों नमस्कार🙏🏻🙏🏻
जय युवा💪💪💪 जय अटेवा
डॉक्टर राम आशीष अमर रहे🌹🌹
मित्रों पिछली 24 तारीख को पेंशन विहीनों के साथ घटित घटना से सभी शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारी क्षुब्ध एवं दुखी हैं।    
                लेकिन साथियों हमें बहुत ही सोच विचार कर  कोई बात कहना चाहिए ।किसी पर टीका टिप्पणी करना आसान होता है लेकिन किसी बड़े कार्य को करना उतना ही मुश्किल।

        साथियों संगठन का नेतृत्व करने वाला सदैव दबाव में रहता है क्योंकि जब संगठन को मजबूत करना होता है तो एक-एक व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाना उन्हें जोड़ना अपने विचारों से संतुष्ट करना ऐसा लगता है कि जैसे उसका निजी काम हो जिसके लिए वह लोगों को बार-बार प्रेरित करते हैं उसके बाद भी लोग तमाम तरह के बहाने बना कर के घरों से नहीं निकालते  और यदि निकले। तो भी पूरी जिम्मेदारी नेतृत्वकर्ताओं   की ही होती है और हमारा साथी केवल यह सोचता है कि अब जब हम घर से निकले हैं तो इन्होंने जिस काम के लिए बुलाया है वह आज ही फाइनल हो जाए काम चाहे जितना बड़ा हो हम एक बार घर से निकले हमें आप ने बुलाया तो काम पूरा होना चाहिए जरा सोचिए की इसमें सफलता का प्रतिशत कितना होता है।

      लेकिन। हमें इसका दूसरा पक्ष भी ध्यान में रखना है कि आज जब सभी विभागों के शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारी साथियों ने सरकार  से दो-दो हाथ करने का मन बना लिया था तब ना जाने ऐसी क्या मजबूरी हुई की इन नेतृत्व कर्ताओं ने अपने कदम पीछे हटा लिए।

    क्या मजबूरी थी, क्या कारण था ,यह तो सिर्फ वही जान सकते हैं ।मित्रों कोई कहता है एमएलसी का टिकट पक्का हो गया ,कोई कहता है डील हो गई कोई कहता है 50 साल की स्क्रीनिंग का डर दिखाया गया ,तमाम तरह की बातें आप सब लोग करते हैं लेकिन वास्तविकता तो उन्हें पता है जो वहां थे। अब वास्तविकता क्या है यह वह जाने ,या रणनीति का कोई हिस्सा है ।

हम सब लोग जिलों में ब्लॉकों में अपनी इकाइयों में तो केवल पेंशन की आस लगाए हुए एक से एक कड़ी को जोड़ने का काम करते हैं लेकिन दुख होता है जब हमारा नेतृत्व बिना किसी पूर्व सूचना के अपने आप को विड्रा कर लेता है।

      उन्होंने यह नहीं सोचा कि हमारे साथ लाखों लाख शिक्षक कर्मचारियों अधिकारियों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और हमसे कितनी आशाएं हैं ।लेकिन कोई बात नहीं काम करने वाले से ही गलती होते हैं जो काम करेगा ही नहीं उससे गलती कैसे होगी ।।

फतेहपुर LIVE - अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह से जाने,OPS की रणनीति,28 अक्टूबर 2018 को सांसद आवास का होगा घेराव
   
     *परंतु साथियों हड़ताल वापस ली गई है पेंशन का मुद्दा नहीं*अटेवा द्वारा निर्धारित सभी आन्दोलन अपने उसी क्रम मे तब तक जारी रहेंगे जब तक पुरानी पेंशन पर सहमति नही बन जाती* । पेंशन युवाओं की अपनी जरूरत है और *जब तक युवा जिंदा है पेंशन को कोई मार नहीं सकता पेंशन तो हम लेकर रहेंगे लेकिन हमें किसी भी नेतृत्व पर किसी प्रकार का दोषारोपण ना करके उन्हें हतोत्साहित न करके *सिर्फ और सिर्फ अपनी ऊर्जा पेंशन बहाली के आंदोलन में लगाना है* और उन सभी बड़े बुजुर्गों अनुभवी लोगों का साथ और आशीर्वाद भी लेना यह बाद की बात है कि नौजवानों का साथ देने में कौन कितनी मजबूती से आता है साथियों अपने जिला और ब्लॉक स्तर पर तो हमारे नेता सदैव हम लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते रहे हैं ।

     *मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि कोई भी साथी अपने जिला या ब्लॉक नेतृत्व को हतोत्साहित न करें बल्कि उन सब का आभार व्यक्त करें कि आपने इस मुद्दे पर अपनी ऊर्जा लगाई ।और सिर्फ़ आगामी तैयारी मे लग जांएं।

28अक्टूबर सांसद आवास घेराव एवं

●  26 नवम्बर को संसद भवन (दिल्ली) घेराव

    वास्तव में चाल तो ऊपर से होती है वरना वेअपना चेहरा चमकाने के अलावा नवजवानों का सहयोग भी कर सकते थे ।लेकिन समस्या तो यह थी कि हमारे सामने कोई नेता न बन जाए।

लेकिन मैं स्वयं निधान सिंह अपने  सभी  युवाओं की ओर से सभी बड़े भाइयों,  नेतृत्वकर्ताओं से विनम्र निवेदन के साथ आग्रह करता हूं की अगर किसी छोटे भाई की तरफ से किसी के दिल को आहत करने वाली बात आई हो तो उसे छोटा भाई समझ कर माफ कर देंगे और पेंशन बहाली की आगे आने वाली लड़ाई में पिछले समय की भाँति ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे मार्गदर्शन करेंगे ऐसी मुझे विश्वास है ।🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
आप के संघर्षों का
*पेंशन विहीन साथी*
*निधान सिंह यादव*

जिला संयोजक *(अटेवा )*
फतेहपुर

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